हरिद्वार। पावन क्षेत्र श्यामपुर कांगड़ी गाजीवाला स्थित परम पूज्य गुरुदेव आरती गिरी जी महाराज के पावन आश्रम में उनकी पुण्य पावन तिथि बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ अत्यंत धूमधाम से मनाई गई। इस दिव्य अवसर पर आश्रम परिसर का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिकता, भक्ति और गुरु स्मरण की मधुर भावनाओं से सराबोर हो उठा। दूर-दूर से आए संत महापुरुषों, साधु-संतों तथा असंख्य श्रद्धालु भक्तों की उपस्थिति ने इस पावन आयोजन को और भी दिव्य एवं भव्य बना दिया। भक्तजन सुबह से ही आश्रम में एकत्र होकर अपने आराध्य गुरुदेव को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और उनके पावन स्मरण में सहभागी बनने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे थे।कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन, गुरु चरण वंदना और भजन-कीर्तन के साथ हुआ। आश्रम में गूंजते हुए भजनों और मंत्रोच्चारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्तों की आंखों में अपने पूज्य गुरुदेव के प्रति अटूट श्रद्धा, प्रेम और कृतज्ञता के भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। सभी भक्त अपने गुरुदेव के बताए हुए मार्ग और उनके दिव्य उपदेशों को स्मरण करते हुए भावविभोर हो रहे थे।इस पावन अवसर पर अनेक संत महापुरुषों का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी बढ़ा दिया। विशेष रूप से किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पूज्य श्री बुलबुल गिरी महारा का पावन सानिध्य भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण रहा। उनके श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली अमृतमयी वाणी और दिव्य उपदेशों ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को गहराई तक स्पर्श किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही वह प्रकाश हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर जीवन को सच्चे मार्ग की ओर अग्रसर करते हैं। उनके प्रेरणादायी शब्दों ने उपस्थित जनसमूह को धर्म, सेवा, करुणा, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान संतों के उपदेशों और सत्संग के माध्यम से ज्ञान की पावन सरिता निरंतर प्रवाहित होती रही, जिसमें उपस्थित भक्तजन भावपूर्वक डूबते हुए अपने जीवन को धन्य और कृतार्थ अनुभव कर रहे थे। आश्रम परिसर में गुरु भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का ऐसा अद्भुत वातावरण बना हुआ था कि प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को एक दिव्य अनुभूति के बीच अनुभव कर रहा था।इस अवसर पर भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आए श्रद्धालु भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु कृपा का अनुभव किया। सेवा में लगे सभी भक्तों ने अत्यंत समर्पण और प्रेम के साथ अपनी सेवाएं अर्पित कीं, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान हर किसी के हृदय में केवल एक ही भावना थी—अपने पूज्य गुरुदेव के चरणों में अटूट श्रद्धा और समर्पण।गुरुदेव आरती गिरी जी महाराज की पुण्य तिथि के इस पावन अवसर पर जानकारी देते हुए मुमताज महंत उर्फ ममता जी ने बताया सभी श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के बताएं महान आदर्शों, शिक्षाओं और आध्यात्मिक संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। भक्तों का मानना है कि गुरु का सानिध्य और उनके उपदेश जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं, जो मनुष्य को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं और जीवन को सार्थक बनाते हैं।इस प्रकार यह पुण्य तिथि समारोह केवल एक आयोजन नहीं रहा, बल्कि गुरु भक्ति, आध्यात्मिक जागृति और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक दिव्य माध्यम बन गया। इस पावन अवसर पर उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु अपने गुरुदेव की कृपा और आशीर्वाद को अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य मानते हुए भाव-विभोर होकर उनके चरणों में श्रद्धा अर्पित करता रहा और अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ अनुभव करता रहा। इस अवसर पर धर्म आचार्य स्वामी युगल किशोर गिरी थानापति आकाश गिरी महाराज महंत कमलेश्वरानंद गिरि महाराज श्री महंत ग्वाला गिरी महाराज महंत हरिदास महाराज कोठारी भीष्म गिरी महाराज कारोबारी महंत सक्षम पुरी थानापति ज्वाला गिरी महाराज थानापति रणधीर गिरी महाराज थानापति सोमगिरि महाराज थानापति दिवाकर पुरी महाराज महंत शिवरात्रि गिरी महाराज श्री कृष्णा तथा काव्या सहित अनेकों संत महापुरुष तथा किन्नर समाज के प्रबुद्ध संत भक्तगण उपस्थित थे सभी ने प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान की पावन पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया
