अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। कनखल दक्ष रोड स्थित श्री माधव आश्रम श्री श्री आनंदमयी कविता मां आश्रम में भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से ज्ञान का प्रवाह करते हुए माता आदि शक्ति का साक्षात स्वरूप ब्रह्म प्रेम मूर्ति श्री श्री आनंदमयी साधना मा ने कहा माता शक्ति एवं माँ कामाख्या का स्वरूप सम्पूर्ण सृष्टि की चेतना, ऊर्जा और गति का मूल आधार ह। वे आदिशक्ति के रूप में ब्रह्मांड की प्रत्येक क्रिया में व्याप्त हैं और सृजन, पालन तथा संहार की प्रक्रिया को संतुलित रूप से संचालित करती हैं। माँ कामाख्या को इच्छा शक्ति और सृजनात्मक ऊर्जा की अधिष्ठात्री देवी माना गया है, जिनकी कृपा से संसार में सुख, शांति, समृद्धि और वैभव का विस्तार होता है। उनकी उपासना से मानव जीवन में आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है, जिससे व्यक्ति अपने कर्तव्यों का निर्वाह निष्ठा और समर्पण के साथ कर पाता है। माँ कामाख्या भौतिक सुखों के साथ-साथ आध्यात्मिक जागरण का भी मार्ग प्रशस्त करती हैं, जिससे मनुष्य अपने भीतर छिपी शक्तियों को पहचानकर जीवन को उच्च उद्देश्य की ओर ले जाता है। उनकी कृपा से मन के विकार, भय और अज्ञान दूर होते हैं तथा जीवन में संतुलन, संयम और विवेक का संचार होता है। इस प्रकार माता शक्ति और माँ कामाख्या का दिव्य स्वरूप न केवल जगत को कल्याण प्रदान करता है, बल्कि मानव जीवन को अर्थपूर्ण, प्रेरणादायक और पूर्णता की ओर अग्रसर करता है।
