अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। धर्मनगरी के खड़खड़ी स्थित तीर्थ कुटीर आश्रम में 60वां वार्षिक भंडारा एवं शरद पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। ब्रह्मलीन सद्गुरुदेव स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज, स्वामी तीर्थानंद जी महाराज, स्वामी सर्वज्ञ मुनि जी महाराज, स्वामी गोपाल मुनि जी एवं स्व. शांति माता जी की पावन स्मृति में आयोजित महोत्सव में संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। महोत्सव के अंतर्गत श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ का आयोजन किया गया। पाठ की पूर्णाहुति के बाद संत-महंतों एवं महामंडलेश्वरों के प्रवचन हुए। संतों ने धर्म, सेवा, त्याग और गुरु परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। इसके बाद विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संतों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी भगवतरूप जी महाराज वेदांताचार्य ने की। आयोजन की व्यवस्थाएं स्वामी प्रेमानंद जी के निर्देशन में संपन्न हुईं। आयोजन समिति के पुरुषोत्तम कोछड़, धर्मपाल गुलाटी एवं श्यामबाबू ने पधारे संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का स्वागत-अभिनंदन करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि ब्रह्मलीन संतों की स्मृति में आयोजित ऐसे धार्मिक महोत्सव संत परंपरा को आगे बढ़ाने और समाज में धर्म, सेवा एवं सद्भाव की भावना मजबूत करने का माध्यम हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि परम श्रद्धेय करौली शंकर महादेव जी महाराज व संतजन उपस्थित रहे।
