राव राजपूत समाज ने सदैव समाज के सामने शौर्य गाथा का उदाहरण प्रस्तुत किया है : डॉ० सत्यपाल सिंह

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। भेल सामुदायिक केंद्रकी पुण्यभूमि पर आयोजित रवा राजपूत एकता एवं उत्थान समिति उत्तराखंड (रजिस्टर्ड) के कार्यक्रम में संपूर्ण रवा राजपूत क्षत्रिय समाज के युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाज की एकता, परंपरा और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्ध जनों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रवा राजपूत समाज केवल अपनी वीरता और शौर्य गाथाओं के लिए ही नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और मानवता की भावना के लिए भी सदैव अग्रणी रहा है। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि संगठन समाज के हर व्यक्ति के साथ हर अच्छे और बुरे समय में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है तथा समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संगठन बिना किसी प्रचार-प्रसार के उन जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर रहा है जिनके बच्चों की स्कूल की फीस आर्थिक तंगी के कारण नहीं भर पा रही थी। समाज के कई ऐसे परिवार हैं जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने बच्चों को शिक्षित बनाना चाहते हैं, और ऐसे परिवारों के लिए संगठन आशा की किरण बनकर आगे आ रहा है। यह सेवा कार्य रवा राजपूत समाज की उस महान परंपरा को दर्शाता है जिसमें समाज अपने प्रत्येक सदस्य को परिवार का हिस्सा मानता है।

इस अवसर पर मार्गदर्शक श्री हरिप्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का कर्तव्य है कि वह उन लोगों का सहारा बने जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने परिवार का भरण-पोषण करने या बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में असमर्थ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस नहीं करता और यही एकता समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है।समिति के अध्यक्ष श्री अर्जुन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रवा राजपूत समाज का इतिहास शौर्य, साहस और त्याग की अमर गाथाओं से भरा हुआ है। हमारे पूर्वजों ने सदैव राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और आज भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज के लोग देश और समाज की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन समाज के उत्थान के लिए हर संभव सहयोग और सहायता देने के लिए सदैव तत्पर है तथा युवाओं को शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य निरंतर करता रहेगा।उपाध्यक्ष श्री सत्यपाल सिंह तोमर ने कहा कि रवा राजपूत समाज देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकता, परंपरा और परस्पर सहयोग की भावना में निहित है। जब समाज के लोग एक-दूसरे का हाथ थामते हैं तो कठिन से कठिन परिस्थितियां भी आसान हो जाती हैं।रवा राजपूत समाज की गौरवशाली परंपरा वीरता, त्याग, स्वाभिमान और सेवा की भावना से ओत-प्रोत रही है। इतिहास के पन्नों में रवा राजपूतों की शौर्य गाथाएं स्वर्ण अक्षरों में अंकित हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा और समाज के उत्थान के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। आज की युवा पीढ़ी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, सेवा और समाज सुधार के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग और गौरवशाली विरासत का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो वह न केवल अपने लोगों का सहारा बनता है बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। रवा राजपूत समाज की यह भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और समाज को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाती रहेगी। इस अवसर पर श्री अर्जुन सिंह श्री डॉ सतपाल तोमर हरि प्रसाद जयप्रकाश सिंह विक्रम सिंह राजपूत एमपी सिंह रतन कुमार सहित भारी संख्या में रवा राजपूत समाज के युवक युवती तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित थे इस अवसर पर अनेको सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत होने के साथ-साथ समाज के उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

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