ज्ञान मनुष्य के अंधकार भरे मस्तिष्क में एक दीपक के सामान उदय होकर उसकी बुद्धि का विकास कर देता है : श्री महंत रघुवीर दास महाराज

अजय वर्मा

हरिद्वार। खड़खड़ी स्थित गंगा भक्ति आश्रम में अपने श्री मुख से ज्ञान की गंगा प्रवाहित करते हुए श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े के परमाध्यक्ष श्री महंत रघुवीर दास महारा ने कहा ज्ञान मनुष्य के अंधकार भरे मस्तिष्क में एक दीपक के सामान उदय होकर उसकी बुद्धि का विकास कर देता ह और उसके ज्ञान चक्षु खोल देता है ज्ञान मनुष्य जीवन की बहुमूल्य निधि है और गुरु के वचन जीवन की सार्थकता है इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती महाराज ने कहा भगवान राम का भजन जब मनुष्य के जीवन में धारण हो जाता है तो उसके भाग्य का उदय हो जाता है जीवन में अर्जित ज्ञान तो एक बहुमूल्य निधि है ही किंतु उससे भी बड़ी निधि भगवान राम का भजन है जो मनुष्य जीवन को सार्थक कर देता है और गुरु के चरणों की रज उसके भाग्य का उदय कर देती है।

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