आम जनमानस की सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ेगी जयपुरिया धर्मशाला : श्री महावीर प्रसाद

अश्वनी वर्मा

हरिद्वार।  हरिद्वार की पावन एवं दिव्य धरती पर भूपतवाला स्थित जयपुरिया धर्मशाला का नव निर्माण एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी क्षण के रूप में संपन्न हुआ, जहाँ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक जी की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। यह केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सनातन परंपराओं के संरक्षण का जीवंत प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।

इस पावन अवसर पर श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि हरिद्वार केवल एक तीर्थ स्थल ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सेवा भाव का केंद्र है, और ऐसे सेवा कार्य समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज के सक्षम व्यक्ति आगे बढ़कर धर्मशालाओं, अस्पतालों और सेवा संस्थानों का निर्माण करते हैं, तो वह राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा ही सच्चा धर्म है, और जयपुरिया धर्मशाला जैसे पवित्र स्थान यात्रियों, संतों और जरूरतमंदों के लिए एक सुरक्षित आश्रय बनकर समाज में करुणा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने इस कार्य को समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से ही समाज में एकता, समरसता और संस्कारों का विकास होता है।इस भव्य आयोजन के केंद्र में 97 वर्षीय अध्यक्ष श्री महावीर प्रसाद जी का अतुलनीय योगदान रहा, जो पूर्ण सेवा निष्ठा, समर्पण और त्याग के साथ निरंतर समाज सेवा में लगे हुए हैं। अपने सरल एवं प्रेरणादायक शब्दों में उन्होंने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य दूसरों के जीवन में सुख, शांति और सहारा प्रदान करना है, और यही सच्ची सेवा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक शरीर में शक्ति है, तब तक सेवा का यह संकल्प निरंतर चलता रहेगा, क्योंकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा पुण्य है।जयपुरिया धर्मशाला में यात्रियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था के साथ-साथ ग्राउंड फ्लोर पर 18 कक्ष विशेष रूप से संत महापुरुषों की सेवा हेतु समर्पित किए गए हैं, जो इस स्थल की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा देशभर में संचालित सेवाओं के अंतर्गत नवलगढ़ स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर ट्रस्ट, वाणी प्रसाद जयपुर ट्रस्ट, महावीर प्रसाद जयपुर चैरिटेबल ट्रस्ट, रुक्मणी देवी चैरिटेबल फाउंडेशन सहित अनेक संस्थाएं निरंतर जनकल्याण के कार्यों में संलग्न हैं।

इसी कड़ी में जयपुर में 500 बेड का अत्याधुनिकसुविधाओंसेसुसज्जितचैरिटेबलसुपरहॉस्पिटल वृद्ध आश्रम, अनाथालय तथा विद्यालय जैसी अनेक सेवाएं समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश दे रही हैं। यह सभी कार्य न केवल समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए संबल हैं, बल्कि यह राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।वास्तव में ऐसे पावन और प्रेरणादायक कार्य हमें यह सिखाते हैं कि जब सेवा, समर्पण और संस्कार एक साथ मिलते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से संभव होता है, और यही भावना भारत की सनातन परंपरा को सशक्त और जीवंत बनाए रखती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!