अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। सुखदेव आश्रम में राधे-राधे भागवत समिति, जयपुर राजस्थान की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं ने भक्ति, त्याग और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का श्रवण किया। व्यास पीठ पर आसीन परम श्रद्धेय मदन मोहन जी महाराज ने भक्त ध्रुव चरित्र, कपिल देव अवतार एवं भक्त प्रहलाद चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि बालक ध्रुव ने कठिन परिस्थितियों में भी भगवान की भक्ति और तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। उनकी अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन दिए और जीवन में उच्च स्थान प्रदान किया। इसी प्रकार भक्त प्रहलाद ने विपरीत परिस्थितियों और अनेक बाधाओं के बावजूद भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। उनकी निष्काम भक्ति और अटूट विश्वास ने यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा के सामने कोई भी संकट स्थायी नहीं रह सकता। कपिल देव अवतार के प्रसंग के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को आत्मज्ञान, भक्ति और सदाचार का महत्व बताया गया। कथा के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान की कथा का रसपान करते रहे।
