श्री करौली शंकर महाराज ने भक्तों को ध्यान योग की गूढ़ साधना का महत्व समझाते हुए कहा कि ध्यान ही वह दिव्य माध्यम है, जिसके द्वारा साधक अपने चंचल मन को एकाग्र कर ईश्वर से सीधा संबंध स्थापित कर सकता है
अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा हरिद्वार। श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री श्री 1008 महंत सरस्वत्याचार्य महाराज…
