यात्रा मनुष्य को बाहर के मार्ग से भीतर के मार्ग की ओर ले जाती है : आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज

अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के पावन संगम से में एक दिव्य और भव्य यात्रा का शुभारंभ हुआ। के पावन सानिध्य एवं मंगलमय करकमलों द्वारा इस अत्याधुनिक एवं आध्यात्मिक यात्रा का श्रीगणेश किया गया। यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण, श्रद्धा, साधना और ईश्वर से जुड़ने का एक पवित्र अवसर है। इस अवसर पर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महारा ने अपने अमृतमय वचनों में कहा— “यात्रा मनुष्य को बाहर के मार्ग से भीतर के मार्ग की ओर ले जाती है जब कदम श्रद्धा से बढ़ते हैं, तो हर पड़ाव तीर्थ बन जाता है

और हर अनुभव साधना का स्वरूप धारण कर लेता है। जीवन की सच्ची यात्रा स्वयं को जानने और परमात्मा से जुड़ने की यात्रा है।” इस पावन यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार अत्याधुनिक हाईटेक वाहन में छह आरामदायक रिक्लाइनर सीटें, एयरलाइन शैली का भव्य इंटीरियर, आधुनिक वॉशरूम, बैटरी बैकअप एवं मसाजर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो यात्रियों को दिव्यता और आराम का अद्भुत अनुभव प्रदान करेंगी। इस शुभ अवसर पर डॉ. ललित सक्सेना, श्री श्याम सक्सेना, श्री स्वीट सक्सेना सहित अनेक विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा, जिसने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के हृदय में दिव्यता का संचार किया। श्री श्याम सक्सेना ने बताया कि अध्यात्म का यह पर्व इस पावन नगरी से शुरू होकर संपूर्ण विश्व में यात्रा तथा विश्वास की ख्याति प्राप्त करेगा तथा आरामदायक सुविधायुक्त यात्रा प्रदान कर कीर्तिमान स्थापित करेगा।

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