कवि श्री हरिओम पवांर ने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को अपने 75 वें जन्मदिवस पर किया आमंत्रित

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

ऋषिकेश। माँ गंगा के पावन तट परमार्थ निकेतन में आज अध्यात्म, साहित्य और राष्ट्रनिर्माण का अद्भुत संगम हुआ। प्रख्यात ओज कवि श्री हरिओम पवार जी ने अपने 75 वें जन्मदिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज आमंत्रित किया

पूज्य स्वामीजी ने श्री हरिओम पवार जी को रुद्राक्ष का दिव्य पौधा दे कर जन्मदिवस की मंगलकामनाएँ दीं तथा “हरित जन्मोत्सव – हरित कवि महोत्सव” का संदेश दिया।

पूज्य स्वामीजी ने कहा कि आज के समय में उत्सव तभी सार्थक हैं, जब वे समाज, प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी बनें।

श्री हरिओम पवार जी ने कहा कि माँ गंगा के तट पर पूज्य स्वामी जी के सान्निध्य प्राप्त होना जीवन का अविस्मरणीय अवसर है।

चर्चा के दौरान पूज्य स्वामीजी ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लगभग 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण पर हर्ष व्यक्त करते हुए धन्यवाद देते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल अपनी समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के लिए भी पहचाना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की प्रगति का प्रतीक है, जो राज्य के भौगोलिक स्वरूप के साथ उसकी अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। मेरठ से प्रयागराज तक यह विशाल कॉरिडोर समय, दूरी और विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। इससे व्यापार, पर्यटन, कृषि, उद्योग, रोजगार तथा तीर्थाटन के अनेक अवसर सृजित होंगे।

पूज्य स्वामीजी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी की कार्यकुशलता तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में उत्तरप्रदेश निरंतर प्रगति के नए शिखरों को स्पर्श कर रहा है।

उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश नया आकार ले रहा है, जहाँ संस्कार भी हैं, रोजगार भी है और प्रगति भी है।”

पूज्य स्वामीजी ने नागरिकों से अपील की कि गंगा एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करते समय सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएँ तथा सावधानी और संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि “गति में प्रगति हो, परंतु अति कभी न हो।”

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