एस. एम. जे. एन. पी. जी. कॉलेज में यूओयू के ‘दीक्षांरभ’ कार्यक्रम का आयोजन, नए छात्रों ने ली उज्ज्वल भविष्य की शपथ

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र एस. एम. जे. एन. पी. जी. कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु “दीक्षारम्भ कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। दीक्षारम्भ कार्यक्रम में अध्यनन केंद्र के नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं एवम शिक्षकों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहयक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सुनील कुमार बत्रा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ संजय कुमार माहेश्वरी, अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ शिव कुमार चौहान तथा हिंदी के मूर्धन्य विद्वान डॉ अजय पाठक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा समझाते हुए अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. शिव कुमार चौहान ने वर्तमान परिदृश्य में मुक्त एवम दूरस्थ शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए सभी अतिथियों तथा नव प्रवेशी छात्र छात्राओं का स्वागत किया। डॉ चौहान ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को महाविद्यालय में अध्ययन केंद्र प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि एस. एम. जे. एन. पी. जी. कॉलेज यूओयू अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए छात्र सहायता और नवाचार केंद्र की भूमिका निभाएगा।

 

अपने संबोधन में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में पधारे डॉ बृजेश बनकोटी, सहायक क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि आज विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र के रूप में कार्य कर रहा हैं जिसमे प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश ले रहे हैं। डॉ बनकोटी ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र अपने जीवन में अनुशासन और स्वाध्याय अपनाकर दूरस्थ शिक्षा में सफलता प्राप्त कर सकता हैं। डॉ. बृजेश बनकोटी ने विश्वविद्यालय की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से कोई भी व्यक्ति, कहीं से भी और किसी भी समय उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) को 50% तक पहुंचाने में मुक्त विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि संस्थान गुणवत्तापरक, सरल और सुलभ शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ अजय पाठक ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने दूरस्थ क्षेत्रों और शिक्षा से वंचित वर्गों तक उच्च शिक्षा को पहुंचाकर समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। उन्होंने एसएमजेएन कॉलेज में मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र की स्थापना को गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो सुनील कुमार बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक युग में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय डिजिटल माध्यमों से शिक्षा को ‘हर द्वार’ तक पहुँचा रहा है। प्रो बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय उन लोगों के लिए वरदान है जो अपनी नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। प्रो बत्रा ने कहा कि आज आयोजित हुए इस दीक्षारम्भ कार्यक्रम ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय को जानने तथा जुड़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया हैं। प्रो बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय केवल शिक्षा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण पर भी कार्य कर रहा है जो उसको एक अलग पहचान दिलाता है। प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि इस अध्ययन केंद्र के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को मुक्त विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों को नियमित परामर्श सत्रों एवं उचित मार्गदर्शन के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही समय-समय पर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन से छात्रों की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध होने से हरिद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

 

इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि अध्ययन केंद्र आपके और विश्वविद्यालय के बीच के एक कड़ी हैं जहाँ पर आपको विशेषज्ञों से सहायता प्राप्त हो सकेगी। ‘दीक्षांरभ’ के माध्यम से छात्र अपनी नई शैक्षणिक यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार और उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर प्रो विनय थपलियाल, डॉ पूर्णिमा सुंदरियाल, ऋचा मिनोचा, रिंकल गोयल, डॉ. गीता साह, डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. विजय शर्मा, कविता छाबड़ा, यादवेंद्र सिंह, वैभव बत्रा, डॉ. हरीश जोशी सहित अनेक शिक्षक एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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