अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। महर्षि मेंही विद्यापीठ में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान की पतित-पावन कृपा अनुसार एक विशाल संत भंडारे का भव्य एवं दिव्य आयोज अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और भक्तजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे विद्यापीठ परिसर में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी व्यासानंद जी महाराज ने कहा कि “इस संसार में गुरु की महिमा अनंत है और गुरु कृपा का स्वरूप असीम है। जो व्यक्ति गुरु की शरण में आ जाता है, उसका मानव जीवन सफल और सार्थक हो जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं, जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य, शांति और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है। इस अवसर पर स्वामी श्री सुबोध बाबा, महंत दुर्गादास महाराज, महामंडलेश्वर रामानुज दास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी अनंत आनंद जी महाराज तथा श्री सत्य प्रकाश झकमोला जी सहित अनेक पूज्य संतों एवं गुरुजनों ने अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। सभी संतों ने गुरु भक्ति, सेवा, सत्संग और मानव कल्याण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने का संदेश दिया।
