अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। भगवान राम की भक्ति से प्राप्त होने वाला सुख सभी सुखों से परे तथा आनंददायी है महामंडलेश्वर श्याम दास महाराहरिद्वार सप्तऋषि रोड स्थित प्रसिद्ध श्री हनुमान गुफा में भक्त जनों के बीच ज्ञान की अमृत वर्षा का प्रवाह करते हुए प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान महामंडलेश्वर 1008 श्री श्याम दास जी महाराज ने कहाभगवान राम की भक्ति से प्राप्त होने वाला सुख समस्त सांसारिक सुखों से कहीं अधिक महान, स्थायी और पवित्र होता है। सांसारिक सुख क्षणिक होते हैं, वे परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं और समय के साथ नष्ट हो जाते हैं, किंतु भगवान राम की भक्ति से मिलने वाला आनंद आत्मा को तृप्त करने वाला होता ह। यह भक्ति मनुष्य के हृदय में शांति, धैर्य, करुणा और सत्य का संचार करती है। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, उनके जीवन का प्रत्येक आदर्श मानव को सही मार्ग दिखाता है। जब मनुष्य उनके चरित्र, उनके त्याग और उनके धर्म का स्मरण करता है, तो उसका जीवन स्वतः ही संयमित और पवित्र होने लगता है।भगवान राम की भक्ति इस लोक में मनुष्य को मानसिक शांति, आत्मिक बल और नैतिक शक्ति प्रदान करती है। जीवन में आने वाले दुःख, संकट और संघर्ष भक्त को विचलित नहीं कर पाते, क्योंकि उसे यह विश्वास होता है कि प्रभु राम सदैव उसके साथ हैं। राम नाम का स्मरण भय को दूर करता है और मन में साहस उत्पन्न करता है। भक्ति के प्रभाव से मनुष्य के विचार शुद्ध होते हैं, कर्म सात्त्विक बनते हैं और उसकाव्यवहार समाज केलिएकल्याणकारी हो जाता है। रामभक्ति मनुष्य को अहंकार, लोभ और क्रोध जैसे दुर्गुणों से मुक्त कर उसे प्रेम और सेवा की भावना से भर देती है। जो मनुष्य जीवन भर राम नाम का स्मरण करता है, उसके लिए मृत्यु भय का कारण नहीं बनती, बल्कि मोक्ष का द्वार बन जाती है। भगवान राम की अनन्य भक्ति से आत्मा परम शांति को प्राप्त करती है और उसे दिव्य लोक में स्थान मिलता है। इस प्रकार रामभक्ति केवल सांसारिक सुख तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आत्मा के कल्याण का साधन भी बनती है।अतः यह कहा जा सकता है कि भगवान राम की भक्ति से मिलने वाला सुख समस्त भौतिक सुखों से श्रेष्ठ है। यह भक्ति मनुष्य के वर्तमान जीवन को सार्थक बनाती है और भविष्य को भी उज्ज्वल करती है। रामभक्ति जीवन को धर्म, प्रेम और सत्य के मार्ग पर ले जाकर मानव को वास्तविक सुख और शांति का अनुभव कराती है।
