अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित दूधाधारी चौक के समीप घनश्याम भवन में आयोजित दिव्य श्रीराम कथा का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह पावन आयोजन प्रातः स्मरणीय महात्यागी परम पूज्य परमात्मा स्वरूप श्री महंत किशन दास जी महाराज के पतित-पावन सानिध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री महंत किशन दास जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, त्याग, सेवा, करुणा और आदर्श आचरण की अनुपम प्रेरणा देता है। श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के अंतःकरण को पवित्र कर उसे धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के समापन अवसर पर विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों से पधारे संत-महात्माओं का श्रद्धापूर्वक सम्मान कर उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया गया। इसके पश्चात बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।समूचा घनश्याम भवन परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। आयोजन के सफल संचालन में आश्रम से जुड़े सेवकों एवं श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। अंत में आयोजकों ने सभी संतों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज में धर्म, सेवा और सद्भाव की भावना को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। आईएस अवसर पर महंत घनश्याम दास , अयोध्या से महाराज जी उपस्थित थे अवसर पर महामंडलेश्वर श्याम दास महाराज महंत दुर्गादास महाराज महंत प्रहलाद दास महाराज महंत हरीदास महाराज महत सूरज दास महाराज महंत मोहन सिंह महाराज महंत दिनेश दास महाराज महंत बिहारी शरण महाराज स्वामी सरायूदास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष उपस्थित थे।
