अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। किसानों की विभिन्न समस्याओं और गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के विरोध को लेकर आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण से किसानों की आजीविका और कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने सरकार से उनकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण न करने की मांग की।
महापंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं करते, लेकिन किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने उचित मुआवजा, किसानों की सहमति तथा उनकी समस्याओं के समाधान के बाद ही परियोजना पर आगे बढ़ने की बात कही। बैठक के दौरान किसानों ने एकजुट होकर गंगा एक्सप्रेसवे के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महापंचायत में उपस्थित किसानों ने सरकार से वार्ता कर किसानों के हितों की रक्षा करने की अपील की। इस अवसर पर प्रमील चौधरी जमालपुर कला,कल्याण सिंह जी,नफीस अहमद गाडोवाली,विक्रम सिंह गाडोवाली, महक सिंह किशनपुर,पृथ्वी पाल कटारपुर, पवन सैनी कटारपुर, पुष्पेंद्र चौधरी बहादरपुर जट,नकली राम सैनी रानी माजरा, रामकुमार सैनी रानीमाजरा,बिजेंद्र सिंह चौहान, राजू सैनी, सचिन कुमार,उमरदराज, चरण सिंह प्रधान जी, संदीप कुमार ,जमशेद, नाजिम,अंकित चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।
