प्रातः स्मरणीय परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास जी महाराज के पतित पावन सानिध्य में विशाल संत समागम का भव्य आयोजन किया गया

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार । भूपतवाला स्थित श्री हरिहर भागवत पुरुषोत्तम धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर प्रातः स्मरणीय परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास जी महाराज के पतित पावन सानिध्य में विशाल संत समागम का भव्य आयोजन किया गय। इस अवसर पर देशभर से पधारे संत महापुरुषों ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए धर्म, भक्ति और सत्संग के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम, भक्ति और सदाचार की ओर प्रेरित करने वाला दिव्य ज्ञान यज्ञ है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर भगवान की कथा और संतों का संग होता है, वहां स्वतः ही सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होने लगता है। भागवत कथा मनुष्य के अंतःकरण को निर्मल बनाकर उसे ईश्वर के समीप ले जाती है।महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद जी महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कलियुग में भगवान का नाम और भागवत कथा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने कहा कि संतों के सानिध्य में बैठकर कथा श्रवण करने से मनुष्य के अनेक जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है।श्री महंत कमल दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा है। यह कथा समाज को एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि संत समाज सदैव राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ते हैं।महामंडलेश्वर स्वामी राम मुनि जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का अमृत स्वरूप है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति और वैराग्य का उदय होता है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। महंत सचिव राघवेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सत्संग और सेवा को स्थान देना चाहिए।समापन अवसर पर संत महापुरुषों का पुष्पमालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत महात्मा एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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