भगवान राम का नाम वह सामर्थ है जो असंभव को भी संभव कर देता है : सुमित तिवारी

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। श्री राम नाम विश्व बैंक समिति के अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने राम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए बड़े ही सुंदर शब्दों में बताया कि भगवान श्री राम की महिमा अनंत है और उनकी उपस्थिति इस चराचर जगत के हर परमाणु में महसूस की जा सकती है। जब हम कहते हैं कि राम से बड़ा राम का नाम है, तो यह उस अमोघ शक्ति की ओर संकेत करता है जो एक भक्त को सीधे परमात्मा से जोड़ देती है। नाम जप में वह सामर्थ्य है जो असंभव को भी संभव बना देता है, ठीक वैसे ही जैसे पत्थरों पर ‘राम’ लिखते ही वे गहरे समुद्र में तैरने लगे थे। यह नाम केवल अक्षरों का मेल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच है जो मनुष्य को काम, क्रोध और लोभ के बंधनों से मुक्त कर परम शांति की ओर ले जाता है। जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से और पूर्ण समर्पण के साथ राम नाम का आश्रय ले लेता है। उसके जीवन के सभी संकट स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं और वह इस संसार रूपी कठिन सागर को सहजता से पार कर लेता है। वास्तव में, राम नाम ही वह परम सत्य है जो आदि और अंत दोनों में स्थिर रहता है। इस अवसर पर अमेरिका से जुड़े श्री धर्मेंद्र गिल, मेरठ से जुड़े श्री दक्ष पवार, श्री निर्मल लाला, श्री मुकेश शर्मा, श्री कुलदीप अरोड़ा सहित भारी संख्या में गण मान्य लोग उपस्थित थे।

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