अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। हरिपुर कला स्थित श्री हनुमंत धा के परमाध्यक्ष महंत नवलकिशोर दास महाराज ने कहा कि राष्ट्र की एकता अखंडता कायम रखने में संत महापुरूषों का अहम योगदान है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आश्रम के वार्षिक समारो के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुुए महंत नवलकिशोर दास महाराज ने कहा कि संत परंपरा सनातन की संवाहक है। परमार्थ के लिए जीवन समर्पित करने वाले संतों ने समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर समाज को सांस्कृतिक रूप से एकजुट किया। जिससे राष्ट्र की एकता अखंडता मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि श्री हनुमंत धाम सेवा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। संतों और श्रद्धालु भक्तों के सहयोग से आश्रम की सेवा परंपरा का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर महंत दुर्गादास, महंत रघुवीर दास, महंत सूरज दास, महंत बिहारी शरण, महंत राम दास, महंत परमेश्वर दास, महंत गणेश दास, महंत प्रहलाद दास, महंत रामानंद सरस्वती सहित सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूष और श्रद्धालु मौजूद रहे।
