अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। रानीपुर झाल स्थित उत्तराखंड संस्कृत अकादमी में आयोजित समारोह में संतों और श्रद्धालुओं ने स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज पर पुष्पवर्षा कर उन्हें अवतरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर 73 किलो के लड्डू का भोग लगाया गया, जिसे बाद में श्रद्धालुओं और भक्तों में वितरित किया गया। अवतरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज त्याग, तपस्या और सेवा की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ ही सेवा कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज की अपने गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास से युवा संतों को प्रेरणा लेनी चाहिए। सभी संत-महापुरुषों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने में संत-महापुरुषों की अहम भूमिका है। युवा संत राष्ट्र की धरोहर हैं। उन्हें गुरुजनों के सानिध्य में प्राप्त ज्ञान के माध्यम से समाज को आलोकित करने का कार्य करना चाहिए। पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि संत-महापुरुष समाज के प्रेरणास्रोत हैं। सभी को स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज के त्यागमयी जीवन से प्रेरणा लेते हुए मानव सेवा में योगदान का संकल्प लेना चाहिए।
