अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। संत समाज ने राजस्थान के निरंजनी अखाड़े के ब्रह्मलीन महंत देवानंद वन के हत्यारों की गिरफ्तारी पर राजस्थान पुलिस का आभार व्यक्त किया और ब्रह्मलीन महंत देवानंद वन को श्रद्धांजलि द। मनसा देवी मंदिर परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि निरंजनी अखाड़े के युवा संत ब्रह्मलीन महंत देवानंद वन की निर्मम हत्या पर समस्त संत समाज में शोक और रोष व्याप्त था। लेकिन राजस्थान पुलिस ने जिस तत्परता से कोटा के एसएसपी के नेतृत्व में कानूनी कार्रवाई करते हुए हत्यारों को गिरफ्तार किया है। उसके लिए एसएसपी और उनकी पुलिस टीम बधाई व आशीर्वाद की पात्र है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति ब्रह्मलीन महंत देवानंद वन विद्वान संत थे। उनके निधन से अखाड़े को जो क्षति हुई है। उसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।मां गंगा उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने सरकार से संतों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग भी की। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी एवं महंत राज गिरी ने कहा कि सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में ब्रह्मलीन महंत देवानंद वन का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलते मानव कल्याण में योगदान करना चाहिए। श्रद्धांजलि देने वालों में महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी आदियोगी पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी, मनसा देवी मंदिर के ट्रस्टी अनिल शर्मा, सीमा शर्मा एवं प्रबंधक महेश शर्मा सहित कई संत महंत शामिल रहे।
