जगद्गुरू रामानन्दाचार्य महाराज की जयंती के अवसर पर रामानन्द आश्रम में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। संत सम्मेलन के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्रीमहंत रघुवीर दास महाराज महाराज ने कहा कि वैष्णव भक्तिधारा के महान संत जगद्गुरू रामानन्दाचार्य ने समाज में भेदभाव आधारित व्यवस्था को दूर कर अध्यात्म और भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया और एकता, सद्भाव और समरसता का संदेश दिया। श्री रामानन्दीय वैष्णव मण्डल के अध्यक्ष बाबा हठयोगी ने कहा कि जगद्गुरू रामानन्दाचार्य समाज के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने अपनी शिक्षाओं से पूरे समाज को एकजुट किया।

जगद्गुरू स्वामी अयोध्याचार्य महाराज एव महंत विष्णु दास महाराज ने कहा कि भक्ति आंदोलन के प्रणेता एवं श्री रामानंद संप्रदाय के प्रवर्तक जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य परम तपस्वी, युगांतकारी दार्शनिक एवं समन्वयवादी संत थे। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। सभी को उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करते मानव कल्याण में योगदान करना चाहिए। इस अवसर पर महंत प्रेमदास, महंत बिहारी शरण, महंत सूरज दास, महंत प्रमोद दास, महंत प्रहलाद दास, महंत गणेश दास, महंत राजेंद्र दास, महंत जयराम दास, स्वामी अंकित शरण महंत हरिदास महाराज महंत सीताराम दास महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज कोतवाल कालीचरण महाराजसहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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