अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में कपिल षष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर प्रातःकाल भगवान कपिल मुनि का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। संतों महंतों ने विश्व कल्याण और सभी प्राणियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सर्वे भवंतु सुखिनः की प्रार्थना की। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव एवं श्री अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में ज्ञान, तप और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक माने जाते हैं। कपिल षष्ठी पर्व सनातन परंपरा, ज्ञान और मानव कल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने का अवसर है। भगवान कपिल मुनि के जीवन और शिक्षाओं से समाज को सत्य, संयम और आत्मज्ञान की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि संत समाज का दायित्व केवल धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने भगवान कपिल मुनि से 26/11 जैसी घटना को रोकने और हवाई जहाज में यात्रा कर रहे सैंकड़ों लोगों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना भी की। श्रीमहंत मनोज गिरी महाराज ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के साथ मानव सेवा के लिए भी प्रेरित करती है। भगवान कपिल मुनि की शिक्षाएं आज भी मनुष्य को ज्ञान, संयम और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाती हैं।
