सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर में कक्षा 12 के विद्यार्थियों हेतु आशीर्वाद एवं विदाई समारोह सम्पन्न

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर में बोर्ड परीक्षा 2026 में सम्मिलित होने जा रहे कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं के लिए आशीर्वाद एवं विदाई समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर पूज्य श्री रूपेंद्र प्रकाश जी (अवधूत मंडल आश्रम, हरिद्वार), श्री मनीष कुमार जी (सचिव, एचआरडीए हरिद्वार) तथा शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री करनेश सैनी जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती उत्तराखंड के प्रदेश निरीक्षक डॉ. विजयपाल सिंह जी ने की। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री अजय सिंह जी एवं प्रबंधक श्री जगपाल जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। श्री मनीष कुमार जी ने बोर्ड परीक्षार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी तैयारी के लिए नियमित दिनचर्या बनाएं तथा हाई स्कूल की परीक्षा के अनुभवों का उपयोग इंटर की परीक्षा में करें। उन्होंने अंकों की अपेक्षा ज्ञानार्जन पर अधिक ध्यान देने का संदेश दिया। अपने संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं सरस्वती विद्या मंदिर के पूर्व छात्र रहे हैं और उनका विश्वास है कि यहाँ से निकला प्रत्येक छात्र जीवन में सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने परीक्षा के दिनों में संयमित भोजन, मानसिक संतुलन एवं धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देते हुए निश्चित सफलता का आशीर्वाद दिया। महामंडलेश्वर पूज्य श्री रूपेंद्र प्रकाश जी ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रेम, स्नेह एवं आदर भाव के साथ एक अच्छे नागरिक के रूप में अपनी पहचान बनाएं। विद्या भारती के छात्रों की विशिष्ट पहचान को बनाए रखने का आह्वान करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत भविष्य में संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन करेगा और उसमें विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक डॉ. विजयपाल सिंह जी ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन निर्माण के लिए व्यवस्थित रहना आवश्यक है। उन्होंने गीता के श्लोक “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का उल्लेख करते हुए परिश्रम एवं निर्भीकता के साथ परीक्षा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों को अपने अनुकूल अध्ययन पद्धति अपनानी चाहिए, दैनिक योजना बनानी चाहिए तथा अनावश्यक कार्यों से दूर रहना चाहिए। साथ ही शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात विद्या भारती के पूर्व छात्र पोर्टल से जुड़कर विद्यालय से निरंतर संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री अजय सिंह जी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विद्यालय के संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। प्रबंधक श्री जगपाल जी ने सभी छात्र-छात्राओं को सफलता के लिए शुभाशीष प्रदान किया। कार्यक्रम में कनिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, गीत एवं शुभकामना संदेश प्रस्तुत किए गए, जिससे वातावरण भावुक हो उठा। विदाई ले रहे छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में सभी विद्यार्थियों को शुभकामना पत्र एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के समस्त आचार्य-आचार्याएँ एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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