अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए प्रदेश की 20 मेधावी छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

देहरादून। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘शी फॉर स्टेम’ पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक जनपद में पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाएगी। साथ ही STEM क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक छात्राओं को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों से स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि तकनीकी सशक्तिकरण को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में भी विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी शक्ति ने प्राचीन काल से ही विज्ञान और ज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गार्गी, मैत्रेयी और लीलावती जैसी विदुषियों से लेकर आधुनिक युग की अन्ना मणि, कमला सोहोनी, डॉ. टेसी थॉमस और डॉ. ऋतु करिधल तक महिलाओं ने देश को नई ऊंचाइयां दी हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत में STEM से स्नातक होने वाले विद्यार्थियों में लगभग 42-43 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि है। जरूरत इस बात की है कि बेटियों को संसाधन, अवसर और आत्मविश्वास प्रदान कर उनके सपनों को साकार किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि चंद्रयान-3, आदित्य एल-1, गगनयान और कोरोना वैक्सीन जैसे अभियान भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण हैं। डिजिटल इंडिया के तहत एआई, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य स्तर पर लागू विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर्स, स्टेम लैब्स, पेटेंट सूचना केंद्र और डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जो राज्य को विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव रंजीत सिन्हा, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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