अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
उत्तरकाशी। शीतकालीन चारधाम तीर्थ दर्शन यात्रा के तीसरे दिन आज प्रातः भगवती यमुना जी की शीतकालीन पूजा स्थली सुखीमठ में आज प्रातः सोमेश्वर भगवान के परिसर में दर्शन करके गांव भ्रमण करते हुए कार द्वारा बडकोट पहुंचे । नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनोद डोभाल जी के नेतृत्व में बडकोट के धार्मिकों ने ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज का भव्य स्वागत हुआ । पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि हमारे पूर्वज आदिशङ्कराचार्य ने धर्म प्राप्ति का जो उत्तम मार्ग बताया है हमें उसी का अनुकरण करना है । किसी व्यक्ति या सरकार के कहने कोई धाम नही होगा, धाम वही है जिसे आदिशङ्कराचार्य भगवान ने हमें बताया । पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने के लिए निष्पाप होना आवश्यक है और निष्पाप होने के लिए भगवती यमुना जी के आशीर्वाद के बिना ये असम्भव है । बडकोट से यात्रा आगे बढ़कर उत्तरकाशी के विश्वनाथ मन्दिर परिसर में पहुंची जहां भगवान का दिव्य-भव्य अभिषेक/ पूजन सम्पन्न हुआ । परिसर में मंचासीन होकर शंकराचार्य जी महाराज ने उपस्थित जन समूह को सम्भावित करते हुए गौरक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जो गाय की रक्षा करे उसी की सरकार इस देश में होनी चाहिए । पंजाब सिन्ध क्षेत्र घाट पर पहुँच कर भगवती भागीरथी गंगा जी की महापूजा सम्पन्न की । समिति अध्यक्ष चन्द्रशेखर भट्ट जी ने पादुकापूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया ।
यात्रा में चल रहे भक्तों ने गंगा आरती के दर्शन किया ।
कल प्रातः भगवती गंगा जी की शीतकालीन पूजा स्थली मुखीमठ में गंगा पूजन/ महाआरती की विधि सम्पन्न होगी ।
सभा में उपस्थित रहे सर्वश्री स्वामी हरिब्रह्मेन्द्रानन्द तीर्थ, शारदानन्द महाराज, महंत जयन्त पुरी, सुरेश सेमवाल, भूपी चौहान, डा बृजेश सती, आशुतोष डिमरी, प्रकाश रावत, भास्कर डिमरी, उमेशचन्द्र सती, दिनेश डिमरी, आनन्द सती, बाबी पंवार, धर्मेन्द्र नेगी, किशोर दबे, अरविन्द मिश्र आदि उपस्थित रहे ।
