अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिपुर कला। हरिपुर कला स्थित श्री चित्रकूट धाम में महंत रामकृष्ण दास जी महाराज की तृतीय पावन पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आश्रम परिसर में विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर ब्रह्मलीन महंत रामकृष्ण दास जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी अमृत दास जी महाराज ने की जो लोनी गाजियाबाद से विशेष रूप से पधारे हुए थे। उन्होंने कहा कि गुरु की स्मृति केवल पुण्यतिथि तक सीमित नहीं होती बल्कि उनके बताए हुए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु सेवा है। इस अवसर पर श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने कहा कि गुरु के चरणों में समर्पित जीवन ही मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। गुरु की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। महंत नारायण दास पटवारी जी महाराज ने कहा कि रामचरित्र मानस हमें मर्यादा सेवा सदाचार का संदेश देती है। इसके श्रवण एवं पाठ से समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। स्वामी अंकित शरण महाराज ने कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा और संतों की सेवा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे आयोजन समाज को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। महंत जय रामदास महाराज ने कहा कि संत सेवा और भंडारा सनातन परंपरा में पुण्य का कार्य माना गया है। गुरु को स्मृति में किया गया सेवा कार्य सदैव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। इस अवसर पर चित्रकूट धाम के महंत परमेश्वर दास जी महाराज ने कहा इस संसार में गुरु की महिमा अनंत है सतगुरु ही भक्तजनों को उंगली पड़कर भवसागर पार करते है। इस अवसर पर गीता कुटीर से श्री शिवदयाल शर्मा ने कहा जो गुरु को शरणागत हो जाता है उसका मानव जीवन धन्य तथा सार्थक हो जाता है।
