अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। मंत्र के ऋषि सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले कहते हैं_ यह मनुष्य का शरीर पाप और पुण्य का रथ है जिस पर ज्योति स्वरूप यह आत्मा सवार ह जिस मनुष्य ने धर्म को अपना सारथी बनाया वो ही भवसागर से पार हुआ जन्म मरण से पार हुआ।
शुभ कर्मों को पुण्य कर्मों को जिस व्यक्ति ने अपना हमसफर बनाया वही परमात्मा के द्वार पर पहुंचे हैं जो सतगुरु की सीख को मानते हैं उनको कभी दुखों की प्राप्ति नहीं होती जो मनुष्य निराकार परमात्मा के नाम को जपता रहता है उसकी आत्मा का चांदना और प्रकाश बढ़ता चला जाता है। हे प्रभु जिसने तेरे नाम को सुमरा है हे प्रभु जिसने तेरे नाम को जपा है उसके दिल में उजियार हो गया है । इंसानों की यह जिंदगी कटे फटे कागज की तरहा है वस्त्र की तरहा है और इन फटे वस्त्रों को हे प्रभु तू सिलता रहता है। सांस सांस पर जो व्यक्ति हे आदि देव परमेश्वर तेरा सिमरन करता है उसी को तू मिलता है उसे तू अपना मित्र बना लेता है। तेरी रोशनी हे परमेश्वर मेरे सीने के आर पार है पाप के रथ पर यह दुनिया बैठी हुई है पाप आचरण करती हुई अंध लोकों में चली जा रही है । जिन लोगों के हृदय में शरीर में विचारों में विष भरा है उनकी बुद्धि ठोकर खाती रहती है मैंने तो अपना सब कुछ तुझको अर्पण कर दिया है। हे पारब्रह्म परमेश्वर तू ही मेरा खेवनहार है । ब्रह्म रूप गुरु के चरणों की छाया में कीकर भी चंदन बन जाते हैं। शिव जैसे गुरु जिनको प्राप्त हुए उनके जीवन के कांटे भी मधुबन बन जाते हैं परम पुरुष पूरण धनी मेरे सच्चे सतगुरु तेरा उजियार मेरी आत्मा में चमकता रहता है । फुलसन्दे वाले बाबा कहते हैं अभी तुमको यह दुनिया सुनहरी और सुहावनी लग रही है मृत्यु की छाया अभी तुम्हें दिखाई नहीं पड़ रही है धर्म आचरण करने को यदि तुमको कहें तो यह बातें कहानी जैसी तुम्हें लगतीं हैं अभी तुम नहीं समझोगे जिसके सिर पर पारब्रह्म रूप गुरु का हाथ है उसका बेड़ा पार हो जाता है और जो मनमाना आचरण करते हैं पाप कर्म करते हैं वे डूब जाते हैं एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा सत्संग के बाद में बहुत लोगों ने मंत्र दीक्षा ग्रहण की और भोजन का प्रसाद भी ग्रहण किया।
सत्संग में मुख्य पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक हरिद्वार की मेयर श्रीमती किरण जैसल श्री जसवंत सिंह नंदकिशोर गिरी आकाश त्यागी रणजीत सिंह राणा अनुज चौधरी अमरनाथ मदन देवपाल राठी प्रदीप मिश्रा डॉक्टर अशोक शर्मा आर्य भावना शर्मा अलख निरंजन सुभाष अरोड़ा राजेंद्र सिंह दीपक राठौड़ मधु मेहंदी रता उर्मिला सिंह अलका मेहंदी रता बिना मदन सुषमा दे पुत्री इत्यादि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
