अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। निर्मला छावनी स्थित राम नाम समिति विश्व बैंक में अपने श्री मुख से राम नाम की महिमा का गुणगान करते हुए संगठन के अध्यक्ष श्री सुमित तिवारी ने कहा‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड में शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह शब्द सुनने मात्र से मन में शांति, श्रद्धा और साहस का संचार होता है। हिन्दू धर्मग्रंथों में इसे अत्यंत पवित्र और लाभकारी माना गया है।
संकटों में सहारा:
राम नाम का जप करने से विपत्तियों में भी व्यक्ति धैर्य और साहस बनाए रख सकता है। जब भी जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, राम नाम का स्मरण मन को स्थिरता और शक्ति देता है। यही कारण है कि संत, महात्मा और ऋषि हमेशा राम नाम के जप की प्रेरणा देते हैं।
धर्म और सदाचार की प्रेरणा:
राम नाम केवल भक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में धर्म और सदाचार का मार्गदर्शन भी करता है। यह नाम याद दिलाता है कि सत्य, न्याय और करुणा का मार्ग ही सच्ची जीवन सफलता और आत्मिक शांति दिलाता है।
भक्ति और मोक्ष का साधन:
शास्त्रों के अनुसार, ‘राम’ का स्मरण करने से भक्ति के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति पापों से मुक्त होता है और मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। यह नाम व्यक्ति को अलौकिक शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है।
‘राम’ शब्द केवल एक नाम नहीं, बल्कि जीवन को उज्ज्वल, शुद्ध और संतुलित बनाने वाला अमूल्य शब्द है। इसके उच्चारण और स्मरण मात्र से मन, वचन और कर्म में सकारात्मकता आती है। यही कारण है कि राम नाम का महत्व हर युग में अपरंपार और अनन्त माना गया है।
