अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। श्री स्वामी ब्रह्मानंद धाम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन बड़े ही धूमधाम क साथ हुआ जिसमें श्री स्वामी ब्रह्मानंद धाम के संस्थापक श्री विद्यानंद ब्रह्मचारी जी ने अपने प्रवचन में कहा: शास्त्रों में हनुमान जी को ‘अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता’ और ‘कलियुग के जाग्रत देव’ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। संकट मोचन कृपा निधान वीर बजरंग बली इस पृथ्वी पर एकमात्र ऐसे देवता हैं, जो भक्त की करुण पुकार सुनते ही उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं। उनकी कृपा पाने के लिए किसी कठिन आडंबर की आवश्यकता नहीं है, वे तो मात्र सूक्ष्म आराधना और निस्वार्थ प्रेम से ही प्रसन्न होकर भक्तों के भंडार भर देते हैं
और उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।” महाराज जी ने जोर देकर कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में हनुमान जी का चरित्र हमें साहस, समर्पण और सेवा की प्रेरणा देता है। विशाल संत भंडारा: सेवा और समर्पण का संगम मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशाल संत भंडारे में हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों दरिद्र नारायण ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। और भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया संत सेवा: संस्थापक स्वामी विद्यानंद ब्रह्मचारीने स्वयं सभी को भोजन कराया और उन्हें दक्षिणा भेंट की प्रसाद वितरण: भंडारे में सैकड़ो की संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और दूर-दराज से आए भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने पूरी निष्ठा के साथ व्यवस्था संभाली, जिससे यह उत्सव एक आध्यात्मिक कुंभ की भाँति प्रतीत हुआ। इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि श्री सतपाल ब्रह्मचारी जी सांसद सोनीपत स्वामी संपूर्णानंद ब्रह्मचारी जी श्री ओमप्रकाश जमदग्नी जी महंत सुखबीर दास जी महंत कुलदीप आनंद ब्रह्मचारी जी श्री राजेश स्वरूप जी महंत बारू महाराज जी संत अमर दास जी महंत राहुल गिरी जी श्री निर्मल शर्मा जी श्री आती शर्मा जी श्री घनश्याम शर्मा जी श्री स्वामी ब्रह्मानंद धाम समस्त ट्रस्टी गढ भक्तजन उपस्थित रहे सभी ने भोजन भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
