अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार । कनखल स्थित महा निर्माणी अखाड़ा में आज विजयदशमी के पावन अवसर पर शस्त्र पूजन बड़े विधि-विधान और परंपरागत श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। यह परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है और आज भी अखाड़े के संन्यासी इसे उसी आस्था और अनुशासन के साथ निभाते हैं।
गंगाजल और पंचामृत से हुआ शस्त्रों का स्नान
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दो विशेष भाले सहित अखाड़े के सभी शस्त्रों का पूजन किया गया। सबसे पहले शस्त्रों को गंगाजल, दूध, दही और पंचामृत से स्नान कराया गया, इसके बाद विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई।
“हर हर महादेव” के जयकारों से गूंजा अखाड़ा
सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस पवित्र आयोजन में संतों और साधुओं ने “ॐ नमो नारायण”, “हर हर महादेव” और देवों के जयघोष लगाए, जिससे पूरा अखाड़ा धर्म-उत्साह और भक्ति भाव से गूंज उठा।
बल्कि यह सनातन धर्म की उस परंपरा का प्रतीक है जिसमें धर्म, शौर्य और आत्मबल का संगम होता है। अखाड़ा इसी भावना को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत करता आ रहा है।
