मनुष्य तेरा मेरा में लगा रहता है किन्तु समाज के प्रति भी उसके कुछ दायित्व होते हैं : आर्य

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार । भेल आर्य समाज मंदिर तथा आर्य समाज की विभिन्न संस्थाओं द्वारा सनातन को और अधिक प्रखर तथा मजबूत करने के उद्देश्य से दो दिवसीय सनातन धर्म प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है जिसमें बताया जाता है कि मनुष्य के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है योग द्वारा मन को स्थिर तथा बुद्धि को विलक्षण और शरीर को स्वस्थ कैसे किया जा सकता है ईश्वर का अस्तित्व है या नहीं क्या सब का ईश्वर अलग-अलग होता है ईश्वर को जानने के क्या लाभ होंगे और न जानने में क्या हानि होगी जीवन जीने के लिए क्या मनुष्य को कभी कोई मैन्युअल मिला है क्या आत्मा परमात्मा दोनों एक ही है देवी देवता और पितृ यह कौन होते हैं भूत डंकनी संकणी जींद आदि होते हैं या नहीं धर्म किसे कहते हैं मत मजहब पंत रिलिजन क्या है पूरे विश्व में शांति कैसे स्थापित हो सकती है ब्रह्मचर्य का पालन कैसे किया जाये हमारे राष्ट्र की अवनति में क्या कारण रहे हैं ऐसे ही हजारों सवाल तथा उनके उत्तर तथा महत्व इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने से जीवन को महका देते हैं साथ ही सनातन को और अधिक मजबूत तथा प्रखर बनाने का यह अनूठा अभियान विश्व भर में भारत की सनातन परंपरा को पहुंचने का एक अनूठा अभियान है एक आम जनमानस में जन जागृति तथा जन चेतना उत्पन्न करने का प्रयास है श्री विजयपाल सिंह श्रीमती नीरा आर्य नेजानकारी देते हुए बताया ता उम्र मनुष्य तेरा मेरा में लगा रहता है किंतु समाज के प्रति भी उसके कुछ दायित्व होते हैं।

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