ज्ञान मनुष्य जीवन की सबसे बहुमूल्य निधि है : श्री महंत जय रामदास महाराज

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार।  ब्रह्मपुरी स्थित श्री वशिष्ठ दूधाधारी आश्रम हनुमान मंदिर के श्री महंत परम पूज्य परम तपस्वी ज्ञान मूर्ति जय रामदास जी महाराज ने उज्जैन की पावन धरती श्री दूधाधारी आश्रम नरसिंह मंदिर तराना जिला उज्जैन मध्य प्रदेश में आयोजित श्री राम विवाह पंचमी के उपलक्ष में सुंदरकांड पाठ के समापन के अवसर पर अपने श्री मुख से ज्ञान की गंगा का उद्गम परवाह करते हुए कहा आपके द्वारा कमाया गया धन अर्जित की गई संपत्ति को कोई छीन सकता है कोई बांट सकता है किंतु जीवन में अर्जित किये गये ज्ञान को ना तो कोई छीन सकता है और ना ही बांट सकता है और यह ज्ञान हमें आध्यात्मिक गुरुजनों के श्री चरणों से ही प्राप्त हो सकता है इस अवसर पर स्वामी श्री बजरंग दास महाराज स्वामी मनोहर दास महाराज महेंद्र सीताराम दास महाराज वकील साहबश्री सोनी जी के साथ-साथ भारी संख्या में गणमान्य लोग तथा क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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