जिसके हृदय में भक्ति ने वास कर लिया हो उसके हृदय में आनंद ही आनंद : श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। खड़खड़ी स्थित गंगा भक्ति आश्रम में अपने श्री मुख से भक्तजनों के बीच उद्गार व्यक्त करते हुए श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा जिसके हृदय में भक्ति नेवास कर लिया हो उसके मन में सदैव आनंद ही आनंद है भगवान श्री हरि की महिमा बड़ी ही अपरंपार है जिसने उनकी भक्ति को मन में बसा लिया हो उसे दुनियादारी के चकरो से कोई लेना देना नहीं वह अपने आराध्या की भक्ति में मस्त रहता है जिस प्रकार भगवान संकट मोचन वीर बजरंगबली हनुमान ने भगवान श्री राम तथा माता जानकी को अपने हृदय में बसा लिया था इसी प्रकार अपने आराध्य को अपने हृदय में बसा लो आपका मानव जीवन सार्थक हो जायेगा।

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