अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। कांगड़ी स्थित श्री सद्गुरु आश्रमगुरु के परमाध्यक्ष अनंत विभूषित प्रातः स्मरणीय परम तपस्वी ज्ञान मूर्ति 1008 महामंडलेश्वर श्री संजय गिरी महाराज ने मुंबई में भक्तजनों के बीच ज्ञान की वर्षा करते हुए कहा गुरु एक ऐसी पथप्रदर्शक शक्ति हैं, जो मनुष्य के जीवन को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है। वे केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि सही और गलत के बीच भेद करना सिखाते हैं। गुरु के उपदेशों से व्यक्ति का वर्तमान जीवन तो सफल होता ही है, साथ-साथ उसका चरित्र, संस्कार और आत्मिक उन्नति भी होती है।गुरु हमें अनुशासन, परिश्रम, सत्य और सदाचार का मार्ग दिखाते हैं। जीवन की कठिन परिस्थितियों में वे दीपक की तरह राह दिखाते हैं और हमें कभी हार न मानने की प्रेरणा देते हैं। उनके आशीर्वाद से मनुष्य में आत्मविश्वास, धैर्य और सेवा की भावना विकसित होती है, जिससे समाज और राष्ट्र का भी कल्याण होता है।कहा जाता है कि माता-पिता जन्म देते हैं, पर गुरु जीवन को दिशा देते हैं। गुरु की शिक्षा और संस्कार मनुष्य को ऐसा बनाते हैं कि वह इस लोक में सम्मान और सफलता प्राप्त करता है तथा परलोक में भी सद्गति को प्राप्त होता है। इसलिए गुरु का स्थान जीवन में सर्वोच्च है और उनका सम्मान करना प्रत्येक शिष्य का कर्तव्य है।
