धर्म कर्म मनुष्य के कल्याण तथा उध्दार का मार्ग : महामंडलेश्वर गर्व गिरी महाराज

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। श्यामपुर कांगड़ी स्थित बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास का सातवां वार्षिकोत्सव संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए अनंत विभूषित प्रातः स्मरणीय 1008 श्री श्री गर्व गिरी जी महाराज ने कहा जिसकी भगवान में आस्था होती है और जिसके हृदय में दूसरों के प्रति सम्मान तथा समर्पण का भाव बसा रहता है उसके मन में सदैव भक्ति हिलोर मारती है और जिसके मन में जिसके हृदय में भक्ति का वास होता है उसके हृदय में साक्षात नारायण वास करते हैं इस पृथ्वी लोक पर गुरुजनों के श्री मुख से निकलने वाले पावन वचन ज्ञान की वह गंगा है जिनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान करने से मनुष्य के भाग्य का उदय हो जाता है उसका इस पृथ्वी पर आने का उद्देश्य सार्थक हो जाता है यह मानव जीवन धन्य हो जाता है गुरु शरण मनुष्य को जन्मो जन्म के पुण्यों के उदय होने से प्राप्त होती है और दान दया सत्यकर्म हमारा लोक एवम परलोक दोनों सुधार देते वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि संत महापुरूषों के सानिध्य में प्राप्त ज्ञान और दीक्षा से ही व्यक्ति के कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। महामंडलेश्वर 1008 परम पूज्य संजय गिरी महाराज ने कहा भक्ति करने से ईश्वर की आराधना करने से जो मनुष्य को आत्मिक संतोष तथा आनंद की प्राप्ति होती है वह कहीं और प्राप्त हो ही नहीं सकता भगवान से अधिक उनके नाम में शक्ति है उनके नाम का सिमरन करने मात्र से यह मानव जीवन धन्य तथा सार्थक हो जाता है समाज के जरूरतमंद वर्ग की सेवा और सनातन धर्म संस्कृति को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान कर रहे हैं। जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज ने कहा ईश्वर की अनंत भक्ति सिर्फ मनुष्य को गुरु चरणों से प्राप्त होती है और ईश्वर की और जाने वाला मार्ग गुरु चरणों से होकर जाता है अधर्म का नाश कर समाज को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले न्याय के देवता भगवान वीरभद्र के नाम पर विभिन्न सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रहे महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि परमार्थ के लिए जीवन समर्पित करने वाले संतों के बताए धर्म मार्ग पर चलने से सही कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने सन्यास धारण कर सेवा का मार्ग अपनाया। बाबा वीरभद्र सेवाश्रम न्यास के माध्यम से आज समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 85 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिनमे से एक बच्चे ने राज्य स्तरीय योग स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा समाज से भेदभाव जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए भी वे निरंतर प्रयास कर हैं। स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि यह सब उनके पूज्य गुरूदेव श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि गुरू के प्रति निष्ठा और विश्वास रखने से सफलता अवश्य मिलती है। महामंडलेश्वर महंत संजय गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी ने कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण संवर्धन तथा देश को सांस्कृतिक एवं सामाजिक रूप से एकजुट करने में संत समाज की अहम भूमिका है। महंत लव गिरी, महंत कीर्ति पुरी, साध्वी सोनिया पुरी, महंत नैतिक गिरी ने सभी संत महापुरूषों और अतिथीयों का स्वागत और आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमहंत महेश पुरी, , महंत भीष्मानंद गिरी, महंत महादेवानंद ब्रह्मचारी, बाबा हठयोगी, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत दुर्गादास, महंत प्रहलाद दास, समाजसेवी अतुल नाथ, महंत दिव्या गिरी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी, डा.प्रदीप कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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