भगवान शिव की भक्ति मनुष्य के जीवन का उद्धार कर देती है : महंत त्रिवेणी दास महाराज

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। कनखल स्थित प्रसिद्ध श्री तिल भाण्डेश्वर मंदिर मे भंडारे के अवसर पर बोलते हुए श्री महंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा भगवान शिव की भक्ति मनुष्य जीवन का उद्धार कर देती हैभगवान की अनंत भक्ति मनुष्य के जीवन को वास्तविक अर्थों में सार्थक बना देती है। जब व्यक्ति सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ ईश्वर का स्मरण करता है, तब उसके भीतर एक अद्भुत शांति और स्थिरता का अनुभव होता है। भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह जीवन जीने की एक पवित्र भावना है, जो मन को निर्मल और विचारों को शुद्ध बनाती है। ईश्वर में आस्था मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस प्रदान करती है। जब जीवन में दुख, संकट और असफलताएँ आती हैं, तब भगवान पर विश्वास ही वह शक्ति बनता है जो व्यक्ति को टूटने नहीं देता। आस्था मन को सकारात्मक दिशा देती है और यह सिखाती है कि हर परिस्थिति में ईश्वर की कोई न कोई कृपा छिपी होती है। भक्ति मनुष्य के लोक और परलोक दोनों को सुधारने की क्षमता रखती है। इस लोक में वह व्यक्ति को सद्गुणों, दया, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है, जिससे समाज में सम्मान और शांति प्राप्त होती है। परलोक की दृष्टि से भी भक्ति आत्मा को पवित्र बनाकर उसे मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करती है। इस प्रकार भगवान की सच्ची भक्ति और अटूट आस्था मनुष्य को भीतर से मजबूत, बाहर से विनम्र और जीवन में सफल बनाती है, और जब हृदय में ईश्वर का वास होता है, तब जीवन का प्रत्येक क्षण पवित्र और अर्थपूर्ण हो जाता है। इस अवसर पर महंत विष्णु दास महाराज महंत प्रेमदास सहित भारी संख्या में संत महापुरुष उपस्थित थे।

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