अजय वर्मा
हरिद्वार। श्यामबीर सिंह, दर्जाधारी राज्यमंत्री, ने कहा “खाना हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना पुण्य का काम है। यह प्रशिक्षण स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।”
श्री संजय चोपड़ा, अध्यक्ष, स्ट्रीट फूड वेंडर्स एसोसिएशन, हरिद्वार, ने कहा “स्ट्रीट फूड वेंडर्स की यह प्रशिक्षण एक सार्थक प्रयास है।”
प्रशिक्षण सत्र में सुश्री प्रीथा त्रिपाठी और श्री विनय कुमार स्टिफन ने वेंडर्स को सुरक्षित खाद्य संचालन, स्वच्छता मानक, व्यक्तिगत स्वच्छता, पानी एवं बर्तन स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, कार्यक्षेत्र की सफाई और उपभोक्ता सुरक्षा जैसे सभी पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इंटरैक्टिव अभ्यास और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से वेंडर्स को तुरंत लागू किए जा सकने वाले कौशल सिखाए गए।
समापन अवसर पर उप आयुक्त, FDA उत्तराखंड, श्री गणेश कंडवाल ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स का धन्यवाद किया। उन्होंने वेंडर्स से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में सीखे गए सुरक्षित खाद्य संचालन, स्वच्छता मानक और उपभोक्ता सुरक्षा के सभी पहलुओं को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से अपनाएँ और हरिद्वार में स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करें।
श्री कंडवाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम FSSAI के राष्ट्रव्यापी प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उत्तराखंड में ‘ईट राइट इंडिया’ गतिविधियों के विस्तार को गति देता है। लगभग 500 स्ट्रीट फूड वेंडर्स की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को प्रभावी और “सभी के लिए सुरक्षित खाद्य” की प्रतिबद्धता को मजबूत बनाया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग गुप्ता, सहायक प्रबंधक, FSSAI द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे, जिनमें सुश्री निमांशी, प्रबंधक, श्री पुनीत गुप्ता, सहायक निदेशक, श्री रोहन कुमार ढाका, CFSO, श्री ललित, तकनीकी अधिकारी, और श्री इफ्तेखार आलम, सहायक शामिल थे। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे, जिनमें डॉ. आर. के. सिंह, संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा), श्री महिमानंद जोशी, अभिहित अधिकारी, जनपद हरिद्वार, श्री दिलीप जैन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, श्री कैलाश टम्टा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, हरिद्वार, श्री योगेंद्र पांडे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रुड़की एवं श्री पवन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, भगवानपुर शामिल थे।
