अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा
हरिद्वार। श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय, ब्रह्मनिष्ठ, अनन्तश्रीविभूषित, जूनापीठाधीश्वर, आचार्यमहामण्डलेश्वर पूज्यपाद श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज (“पूज्य आचार्यश्री जी”) के साथ उनका आध्यात्मिक तथा लोक-कल्याणकारी विषयों पर सारगर्भित संवाद संपन्न हुआ। इस प्रेरणादायी वार्ता में राष्ट्र एवं समाज के जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, राष्ट्र-जागरण, सांस्कृतिक चेतना के सुदृढ़ीकरण, तथा लोक-कल्याण और सामाजिक समरसता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श हुआ। यह परिचर्चा अध्यात्म की अंतःप्रेरणा और राष्ट्र-कर्तव्य के समन्वय का एक उज्ज्वल उदाहरण बनी जो समकालीन समाज को दिशा, विवेक और संकल्प प्रदान करती है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी, गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री अनिल बलूनी जी, तथा उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा मंत्री आदरणीय श्री धन सिंह रावत जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
