युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं वित्तीय साक्षरता – प्रो. बत्रा

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। महाविद्यालय में आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, करियर कॉउंसलिंग सेल तथा वाणिज्य विभाग के तत्वावधान में युवा नागरिकों के लिए वित्तीय शिक्षा विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में सेबी स्मार्ट ट्रेनर राजीव जैन ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन एवं आर्थिक निर्णयों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस अवसर पर राजीव जैन ने विद्यार्थियों को आय एवं व्यय के बीच संतुलन बनाए रखने, बचत की आदत विकसित करने, निवेश के विभिन्न विकल्पों को समझने तथा वित्तीय लक्ष्यों का निर्धारण करने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को अपनी आर्थिक स्थिति के अनुरूप बजट तैयार करना चाहिए तथा निवेश करने से पहले संबंधित योजनाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड एवं अनधिकृत निवेश योजनाओं से सतर्क रहने के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने सुरक्षित निवेश, दीर्घकालिक वित्तीय नियोजन और आर्थिक अनुशासन के महत्व पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं तेजी से बदलते आर्थिक परिवेश में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक एवं जिम्मेदार बनना भी आवश्यक है। वित्तीय शिक्षा युवाओं को अपने संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने, बचत एवं निवेश की सही समझ विकसित करने तथा भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने में सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय माहेश्वरी ने कहा कि युवावस्था में ही वित्तीय अनुशासन एवं प्रबंधन की आदत विकसित करना भविष्य में आर्थिक स्थिरता प्राप्त करने का आधार है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी आवश्यकताओं और इच्छाओं के बीच अंतर समझते हुए सोच-समझकर खर्च करना चाहिए। वित्तीय साक्षरता न केवल व्यक्तिगत आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम है, बल्कि यह युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी सहायक है।इस कार्यक्रम में समन्वयक की भूमिका श्रीमती रिचा मिनोचा एवं श्रीमती रिंकल गोयल ने निर्वहन की। इस अवसर पर डॉ शिवकुमार चौहान, डॉ मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, डॉ गीता शाह, श्रीमती कविता छाबड़ा, अंकित बंसल, श्रीमती नेहा मित्तल, कार्यालय अधीक्षक श्री मोहन चन्द्र पाण्डेय सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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