श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। सुखदेव आश्रम में राधे-राधे भागवत समिति, जयपुर राजस्थान के तत्वावधान में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धा और भक्ति का उल्लास छाया रहा। व्यास पीठ पर आसीन परम श्रद्धेय मदन मोहन जी महाराज ने भगवान श्रीराम अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव के मनोहारी प्रसंगों का भक्तिभाव से वर्णन किया। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग की महिमा बताते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। श्रीकृष्ण का अवतार भी अत्याचार और अधर्म के विनाश तथा धर्म एवं सत्य की पुनर्स्थापना का संदेश देता है।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर आश्रम परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं ने ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी मनाई। नंदोत्सव के प्रसंग में भक्तों ने भजन-कीर्तन के साथ भगवान की बाल लीलाओं का आनंद लिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। मदन मोहन जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर भगवान के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव जागृत होता है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान किया।

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