निस्वार्थ कदम ने पेश की इंसानियत की मिसाल, 13 बेघर परिवारों को मिला अपना आशियाना

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। कहते हैं कि सच्ची सेवा वह है जो बिना किसी स्वार्थ के की जाए, और इसी सोच को साकार कर दिखाया है श्री प्रमोद राघव जी ने अपनी प्रसिद्ध सामाजिक संस्था ‘निस्वार्थ कदम’ के माध्यम से। संस्था ने बैरागी कैम्प स्थित बंजारी वाला क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियों में नारकीय जीवन जी रहे 13 अति-गरीब परिवारों को उनको आशियाना दिलाकर उनके जीवन में उजियारा भर दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान निस्वार्थ कदम के वरिष्ठ सदस्य रोहित वर्मा ने बताया कि संस्था का उदेश्य यह है कि यहाँ बैरागी कैंप में रहे लगभग 50 से भी अधिक परिवारों को अपना आशियाना दिलवाना है, और संस्था इस कार्य में पूर्ण से कार्यरत है।

इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आनेकी-हेतमपुर (हरिद्वार) में बने पक्के फ्लैट्स की चाबियां सौंपी गई हैं। संस्था के सदस्य श्री रोहित वर्मा ने बताया कि आनेकी-हेतमपुर में बने ये फ्लैट 1BHK हैं, जिनमें एक कमरा, रसोई, लेट-बाथ और बालकनी है। सभी फ्लैटों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन एवं पानी की व्यवस्था भी संस्था के प्रयासों से कराई गई है। फ्लैट पाने वाले लोगों ने भावुक होते हुए कहा, “साहब, पूरी जिंदगी झोपड़ी में काट दी। सोचा था इसी में मर जाएंगे। आज निस्वार्थ कदम वालों ने हमें मकान क्या, जीने की नई वजह दी है।”

निस्वार्थ कदम संस्था ने घोषणा की है कि अगले चरण में वह वे बैरागी कैंप के बचे हुए और परिवारों को चिन्हित कर आवास दिलाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। साथ ही इन 13 परिवारों के बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के रोजगार की जिम्मेदारी भी संस्था ने ली है। बैरागी कैम्प में आयोजित एक सादे लेकिन भावुक कार्यक्रम में संस्था के स्वयंसेवकों ने इन परिवारों को आवास आवंटन पत्र दिए गए। चाबी हाथ में आते ही कई महिलाओं की आंखें भर आईं। वर्षों से बरसात में टपकती छत और सर्दी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर इन परिवारों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा था। बंजारी वाला क्षेत्र में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों मे से ये 13 परिवार मुख्य रूप से दिहाड़ी मजदूरी, गुब्बारे बेचने, रिक्शा चलाकर गुजारा करते थे। इनके पास न तो जमीन थी, न ही कोई स्थायी ठिकाना। शासन के सर्वे में इन परिवारों को अति-गरीब श्रेणी में चिन्हित किया गया था। संस्था ने पिछले कई वर्षों से से इन परिवारों को अपने पक्के दिलवाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर कर कर रही थी।

यह संस्था का पहला कार्य नहीं है। पिछले कई वर्षों से ‘निस्वार्थ कदम’ हरिद्वार सहित देश के कई अन्य राज्यों में मानवता की सेवा में निरंतर कार्य कर रही है। संस्था के प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:

 

1. शिक्षा के क्षेत्र में: संस्था द्वारा गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क पाठशाला ‘शिक्षा का कदम’ चलाई जा रही हैं, जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ रहे हैं। किताबें, कॉपी, ड्रेस सब संस्था देती है।

2. स्वास्थ्य सेवा: हिमाचल के कुल्लू जिले के घुड़दौर गाँव मे “मनु हेल्थ केयर” का संचालन किया जा रहा है जहां आसपास के 50 से भी अधिक जरूरतमंद लोगों का निःशुल्क इलाज व दवाइयाँ दी जाती है। इसके अलावा समय समय पर निःशुल्क स्वास्थ शिविर कैंपों का भी आयोजन की जाता है

3. भोजन वितरण: कोरोना काल से शुरू हुई ‘कोई भूखा न सोए’ मुहिम आज भी जारी है। हर शाम धर्मिक स्थल व रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में लोगों को भोजन कराया जाता है।

4. पर्यावरण और स्वच्छता: संस्था ने गंगा घाटों पर 50 से अधिक स्वच्छता अभियान चलाए हैं और 2000 से अधिक पौधे लगाए हैं।

5. महिला सशक्तिकरण: समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई केंद्र चलाया जा रहा है, जिसमें महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं।

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