विश्व कल्याण साधना यतन श्री यंत्र मंदिर में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान ब्रह्मलीन निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वदेवानंद जी महाराज की पावन स्मृति में एक विशाल संत समागम

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। विश्व कल्याण साधना यतन श्री यंत्र मंदिर में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान ब्रह्मलीन निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वदेवानंद जी महाराज की पावन स्मृति में एक विशाल संत समाग का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर प्रातः स्मरणीय आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानन्द सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में अनेक संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण, गुरु-वंदना और सत्संग की पावन धारा से ओतप्रोत दिखाई दिया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में स्वामी विशोकानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि गुरु केवल मनुष्य को ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उसके जीवन को धर्म, सत्य और साधना के मार्ग पर अग्रसर करते हैं। गुरु की कृपा से ही जीवन में विवेक, वैराग्य और आत्मबोध का प्रकाश होता है। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है, क्योंकि गुरु ही अज्ञानरूपी अंधकार को दूर कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करते हैं। संत समागम में उपस्थित संतों ने भी गुरु महिमा का गुणगान करते हुए गुरु परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!