तिलक चादर प्रदान कर एवं पुष्पवर्षा कर स्वामी कपिलानंद सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। कनखल स्थित जगद्गुरू आश्रम में जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज की अध्यक्षता एवं श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी के संयोजन में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में निरंजनी अखाड़े के पंचपरमेश्वरों सहित सभी तेरह अखाड़े के संतों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ तिलक चादर प्रदान कर एवं पुष्पवर्षा कर स्वामी कपिलानंद सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किय। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती को शुभकामनाएं देते हुए जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए अखाड़े की उन्नति और धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में यांेगदान देंगे। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद महाराज संत परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए समाज में धर्म और अध्यात्म के प्रचार प्रसार में योगदान करेंगे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि संत परंपरा में बेहद महत्वपूर्ण महामंडलेश्वर पद के साथ अनेक दायित्व जुड़े हुए हैं। महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती समाज में धर्म और अध्यात्म के प्रचार प्रसार के साथ मानव कल्याण में योगदान करते हुए अखाड़े का गौरव बढ़ाएंगे। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती विद्वान संत हैं और संत परंपराओं के अनुरूप धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार के दायित्व को पूरा करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद ने भी महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती को शुभकामनाएं दी। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में अखाड़े की उन्नति में अपना पूरा योगदान करेंगे। इस अवसर पर महंत दर्शन भारती, महंत राज गिरी, महंत साधनानंद, महंत सूर्यांश मुनि, महंत खेम सिंह, स्वामी भक्ति गिरी, स्वामी संतोषानंद, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी दिनेश दास सहित सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूष, संघ नेता पदम सिंह, एसएमजेएन कालेज के प्राचार्य डा.सुनील बत्रा, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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