गुरु की शरण मानव जीवन सार्थक करने की परम युक्ति : स्वामी गंगेश्वरानंद

अजय वर्मा, अश्वनी वर्मा

हरिद्वार। दक्ष रोड स्थित संत विहार कॉलोनी में प्रसिद्ध परमार्थ ज्ञान मंदिर में परम पूज्य गुरुदेव स्वामी असंगानंद जी महाराज की पावन स्मृति में एक विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया

इस बारे में बोलते हुए स्वामी गंगेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा इस पृथ्वी लोक पर गुरु से बड़ा और सच्चा मार्गदर्शक कोई और हो ही नहीं सकता मैंने अपने परम पूज्य गुरुदेव के पतित सानिध्य में 14 वर्ष पूर्व मंडल श्री दैव्य संवाद महामंडल के अंतर्गत गुरु दीक्षा ली और गुरु की शरण में रहते हुए अपने मानव जीवन को धन्य तथा सार्थक किया मेरे बड़े गुरु भाई स्वामी अवधेशानंद महाराज ने 30 वर्ष पूर्व गुरु जी की शरणागत होकर सन्यास ग्रहण किया और सत्य के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन को समाज कल्याण हेतु तथा भगवान की भक्ति हेतु समर्पित किया हमारे मंडल की स्थापना सन 1914 में परम पूज्य गुरुदेव ने की थी हम सब गुरु के बताए मार्ग पर चलते हुए भजन सत्संग के मार्ग से अपने जीवन को सार्थक कर रहे हैं तथा भक्तजनों को भक्ति मार्ग से जीवन सफल करने का मार्ग प्रदर्शित कर रहे हैं इस अवसर पर विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें कई सौ संत महापुरुषों तथा भक्त जनों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

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